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‘बी.ए.-बी.एड. क्या चौकीदार बनने के लिए किया था?’

पश्चिम यूपी के किसी भाग में साल के किसी समय भी जाएं तो वहां युवा लड़के पुलिस और आर्मी की भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ते और कसरत करते हुए नज़र आएंगे। इस नज़ारे से अनुमान लग जाता है कि इलाक़े में कितनी बेरोज़गारी है। जब चलचित्र अभियान ने इनसे बात करी तो इन्होंने हमें बताया की इलाके में रोज़गार के कोई और साधन नहीं हैं और सरकार पर इस बात पर नाराज़गी जताई कि साल की 2 करोड़ नौकरियाँ में वो विफल रही है। उनका कहना था कि अब देश के बाहर ही उन्हें रोज़गार मिलने की उम्मीद है।

 

टीम – नकुल साहनी, राहुल शेरवाल, विशाल कुमार

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