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‘नए भारत के वास्ते, भगत सिंह-आंबेडकर के रास्ते’

चलचित्र अभियान ने दीपांकर भट्टाचार्य, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव का इंटरव्यू लिया। उनका कहना है कि रोज़गार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के मुद्दे जाति और धर्म के मुद्दों पर पूर्वता बरतेंगे। वह भारत में वाम आंदोलन के भविष्य के बारे में भी बात करते हैं। उनका कहना है कि वामपंथियों की एक वैश्विक बढ़त हो रही है, और भारत में भी, अगर यह स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुकूल बदल सकता, तो वामपंथ काफी बढ़ सकता है।

टीम- मोहम्मद शाक़ीब रंग्रेज़, नकुल सिंह साहनी, विशाल कुमार

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