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जन रागिनी 3- महंगाई की मार

ये रागिनी हमारे देश की बिगड़ती अर्थवव्यवस्था पर सवाल करती है और इससे मेहनतकश तपके पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाती है। लोक संगीत और अपने सरल बोल के द्वारा ये रागिनी हमें यह बताने का प्रयास करती है की बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार की वजह से इस देश के गरीब लोगों का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। एक चलचित्र अभियान की प्रस्तुति।

टीम – अभिषेक इन्द्रेकर, पियूष नागपाल, राहुल शेरवाल

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